Tue. Oct 27th, 2020

General

Humor satire: Onions have become expensive… eat little by little, Madan Gupta Sapatu’s blog | हास्य व्यंग्य: महंगी हुई है प्याज ….. थोड़ा थोड़ा खाया करो, कुछ इसी अंदाज में बदल गए हैं डॉयलॉग्स

नई दिल्ली: अब तक गज़ल प्रेमी यही गा गा कर काम चला रहे थे कि ‘मंहगी हुई शराब कि थोड़ी…

The meaning of Sangh chief Mohan Bhagwat’s speech on Vijayadashami, Alok Mehta’s blog | संघ, समाज, राजनीति और पत्रकारिता के रिश्ते; कुछ ऐसे गुथी है रिश्तों की ये डोर

नई दिल्ली: विजयदशमी (Vijayadashami) का दिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ( RSS)का स्थापना दिवस भी होता है. पत्रकारिता के अपने पचास…

What does Rajamouli want to prove by showing Komaram Bhima in a Muslim cap? Vishnu Sharma Blog | कोमारम भीम को मुस्लिम टोपी में दिखाकर क्या साबित करना चाहते हैं राजामौली?

नई दिल्ली: बाहुबली सीरीज के बाद एक व्यक्ति के लिए पूरे भारत का सम्मान बढ़ गया और वो व्यक्ति था…

dussehra day of the win of good over evil but when we get rid of bad things like rape | वासना का रावण कब जलेगा….कब होगी बुराई पर अच्छाई की जीत?

दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है. यह एक उदाहरण है कि बुराई कितनी भी बलवान क्यों…

22 October, 1947: When Pashtun tribal forces from Pakistan invaded in Kashmir | कश्मीर पर हमले की वो कहानी, जब लगे थे ‘हिंदू का जर और सिख का सिर’ के नारे

22 अक्टूबर, 1947 को 300 लॉरियों में भरकर 7000 कबायली लड़ाकों ने एबटाबाद से गुजरते हुए कश्मीर क्षेत्र में प्रवेश…

advertising in times of coronavirus crisis | कोरोना संकट के बीच नई सच्चाई को बयां कर रहे विज्ञापन

नई दिल्ली, मैथिली चंद्रशेखर: किसी भी निश्चित समयावधि की एडवर्टाइजिंग को जांचिए, ये उस समय के सामाजिक-सांस्कृतिक तौर तरीकों के प्रति प्रतिक्रिया…

Tie children in ‘bonds of love’ rather than facilities |अपने बच्चों को ‘प्यार के बंधन’ में बांधिए, सुविधाओं के नहीं; नहीं तो बाद में पड़ सकता है पछताना

नई दिल्ली: बाजारवाद के चक्कर में गली-मोहल्लों में खुले प्री स्कूलों में दो-दो, ढाई-ढाई साल के मासूमों (Children) को भेजकर पैरेंट्स (Parents)…

Loknayak Jayaprakash Narayan birth anniversary unknown facts about him | जयंती विशेष: जब हार के बाद जेपी ने इंदिरा से पूछा- अब घर का खर्च कैसे चलेगा?

जयप्रकाश नारायण इंदिरा गांधी के चाचा की तरह थे. 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का ये महानायक, आजादी के बाद…